Thursday, October 28, 2010

इन आँखों में सपने हमेशा यु ही सजाये रखना

इन आँखों में सपने हमेशा यु ही सजाये रखना 
अपने दिल में हमसे मिलने की तमन्ना यु ही बनाये रखना 
कभी हम रुलायेंगे ,कभी हम हसाएंगे .. 
तुमको इतना हम सतायेंगे 
फिर भी तुम्हे याद आएंगे 
इन यादो को पलकों पर संभाले रखना 
बस एक गुज़ारिश है तुमसे ये चाहत का सिलसिला यु ही बनाये रखना 

रूठ जाओ हमसे कोई गम नहीं है 
तुमको मनाने में हम भी किसी से कम नहीं है 
चाँद के पास ले जायेंगे तुम्हे 
एक नई दुनिया दिखायेंगे तुम्हे 
यु तो हजारो तारे होंगे आसमा में 
पर तुम्हारा साथ ही सबसे प्यारा है 
देखो ना मीतू 
ये जन्नत सा जहाँ अब तुम्हारा है 
ये आशियाना अब तुम्हारा है 
में क्या चाहूँ अब 
तुम्हारा दिल जो अब हमारा है 

अपनी इन आँखों से यूँ न देखा करो मुझे 
तेरी तस्वीर यहाँ छप जाएगी 
केसे बताऊ तुम्हे 
जब भी मुझे देखोगी वहा तुम ही नज़र आओगी 

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