Lyrics and Librettos
Tuesday, October 26, 2010
थोडा करो इतंजार
थोडा करो इतंजार ..ये चाँद अभी शर्मा रही है ..
उसके साजन से मिलके वो आ रही है..
उसकी चुनर की रौशनी इस दुनिया पर छा रही है ....
आज तो जी भरकर देखा है चाँद ने अपने सूरज को ..
उसके चेहरे की चमक साफ बता रही है
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