जब देखी आपकी
तस्वीर पहली बार,
कुछ आपने से
लगे
लगा कुछ है
जो है कुछ
खास बस इतना
सा था वो
एहसास
क्या था जो
मुझे खीच रहा
था आपके पास
बस इसकी ही
नहीं थी मुझे
खबर
जब देखी थी
वो तस्वीर हो
गया था दिल
बेसबर बस इतना
सा था वो
एहसास
देखा था आँखों
में वो उद्दास
सा संदर जिसमे थी
प्यार की लहरें
जिन्हें थी साहिल
की तलाश
लगा आपनी कश्ती
को डाल दू
इस समदर में
बस इतना सा
था वो एहसास
देखे थे आपके
वो चुप से
बुल जो कहना
तो चाहते थे
पूरी दुनिया की
नेम्ते पर कुछ
चुप से थे
लगा तोड दूँ
में आपके बुलो
का वो बाँध
बस इतना सा
था वो एहसास
बना लेना चाहा
मेरे दिल ने
आपको आपना लगा
बीता लूँ में
ये जिंदगी आपके
साथ
बन जाऊं में
आपकी मीत और
बना लूँ में
आपको आपना मन
बस इतना सा
था वो एहसास
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